जनवरी के बाद होगा 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का ऐलान, बढ़ेगा वोटिंग का समय

साल 2022 के शुरू में होने वाले 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए सियासी सरगर्मियां जारी हैं। इस बीच, लखनऊ में चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा :
ने बताया कि चुनाव को लेकर उन्होंने सभी पक्षों का रुख जाना है। राजनीतिक दलों का मानना है कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए निश्चित समय पर ही चुनाव कराए जाएं।
संकेत दिए कि यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों का ऐलान 5 जनवरी के बाद ही किया जाएगा। 5 जनवरी तक वोटर्स लिस्ट फाइनल कर दी जाएगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कई बड़े ऐलान किए। मतदान का समय बढ़ाया जाएगा, ताकि मतदाताओं की भीड़ से बचा जा सके। इस बार सुबह 8 बजे से 6 बजे तक मतदान होगा। सुशील चंद्रा ने बताया कि आयोग किस तरह मतदाता सूची पर काम कर रहा है।
चुनाव ड्यूटी में उन्हीं कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जो कोरोने के दोनों टीके ले चुके हैं। चुनाव प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर्स का दर्जा दिया जाएगा।
यूपी में मतदान का समय एक घंटा बढ़ाया जा रहा है, ताकि कोरोना काल भी भीड़ में जुटे।
5 जनवरी को यूपी की फाइनल वोटर लिस्ट जाएगी।
सभी मतदान केंद्रों पर वीवीपैट लगाए जाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए लगभग 1 लाख मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
80साल से अधिक मतदाताओं को, दिव्यांगजनो को और कोविड पेशेंट का वोट चुनाव आयोग की टीम घर जाकर कास्ट कराएगी। पहली बार ये सुविधा दी जा रही है माना जा रहा था कि चुनाव आयोग आज ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। हालांकि ऐसा नहीं हुआ। इससे पहले ही माना जा रहा था कि चुनाव टलने की संभावना कम है। कहा गया था कि चुनाव आयोग सख्त गाइडलाइन के साथ मतदान की तारीखों का ऐलान कर सकता है। यूपी और पंजाब जैसे बड़े राज्यों में मतदान के चरणों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, ताकि भीड़ न जुटे। मतदान केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन सख्ती से किया जाएगा।
2022 Elections in India: इन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं। साल2022 के शुरू में जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं   यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर। इन राज्यों में चुनाव ने तैयारियों का जायजा ले लिया है। चुनाव आयोग की टीमों ने सभी राज्यों में जाकर बैठकें की हैं। वहीं दिल्ली में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भी बैठक हो चुकी है। चुनाव आयोग की सबसे बड़ी चिंता यही थी कि कोरोना के एक बार फिर बढ़ते मामलों के बीच कैसे मतदान करवाया जाए? राज्य में अब तक मतदाताओं की कुल संख्या 15 करोड़ से अधिक है। अंतिम प्रकाशन के बाद मतदाता के वास्तविक आंकड़े आएंगे। अंतिम प्रकाशन के बाद भी अगर किसी का नाम ना आए तो वो क्लेम कर सकते हैं 80 वर्ष से अधिक आयु वाले मतदाता, कोरोना संक्रमित मतदाता और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही वोट डालने की सुविधा प्रदान की जाएगी। 2017 के मतदान का प्रतिशत 61% था, जो लोकसभा चुनाव के समय में घटकर 59% हो गया था। वोटिंग % घटना चिंता का विषय है: लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा कोरोना को ध्यान में रखते हुए मतदान का समय सुबह 8-5 बजे तक था उसे बढ़ाकर 8-6 बजे तक किया जाएगा: लखनऊ में मुख्य चुनाव आयुक्त
हमने राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक की थी। राजनीतिक दलों की मांग है कि समय पर चुनाव कराया जाए। रैलियों में नफरती भाषण व रैलियों में हो रही भीड़ पर भी कुछ दलों ने चिंता जताई है।पोलिंग बूथ पर पर्याप्त संख्या में महिला बूथकर्मी की भी मांग की गई है SSR 2022 के अनुसार अबतक 52.8 लाख नए मतदाताों को सम्मिलित किया गया है। इसमें 23.92 लाख पुरूष और 28.86 लाख महिला मतदाता हैं। 18-19 आयु वर्ग के 19.89 लाख मतदाता हैं:

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